
सोलन। राज्य स्तरीय शूलिनी मेले में राज्य स्तरीय खेल वालीबाल के लिए बजट ही नहीं है। मेले में इस बेहतर खेल का अस्तित्व खोने के कगार पर है। हर वर्ष शूलिनी मेले में वालीबाल खेल शान से खेला जाता था। इस दौरान राष्ट्रीय स्तर तक के खिलाड़ी वालीबाल में अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाते थे। इस बार भी मेला स्पोर्ट्स कमेटी की बैठक में पहले वालीबाल महिला प्रतियोगिता करवाने का निर्णय लिया गया और राज्य स्तरीय टीमों को बुलाने के लिए भी हामी भरी गई। मगर मेला से मात्र पांच दिन पहले कमेटी ने बजट न होने की समस्या रख दी। जिसके कारण खेल को मेले में न करवाने का फैसला लेना पड़ा।
प्रतिवर्ष होता था खेल
शूलिनी मेले के दौरान वालीबाल प्रतियोगिता प्रतिवर्ष होती थी। मगर 2012 और 2013 में मेले में खेल को पूरी तरह से भूला दिया गया। 2011 के खेलों में इसके लिए करीब 1 लाख 19 हजार 650 रुपये का बजट आया था। उस वर्ष पांच टीमों ने भी प्रतियोगिता में भाग लिया। विजेता टीम को 11 व उपविजेता टीम को 09 हजार रुपये इनाम के तौर पर दिए गए। मगर इस बार वालीबाल के लिए बजट ही नहीं आया।
गलत दे दी कार्ड में जानकारी
सोलन के ऐतिहासिक ठोडा खेल देखने की आस लगाए बैठे लोगों को शनिवार मायूसी हाथ लगी। आयोजन कमेटी की तरफ से जारी निमंत्रण पत्र में शनिवार को 12 बजे ठोडा खेल का समय प्रस्तावित किया। लोग इस खेल को देखने पहुंचे तो वहां ठोडा खेल को कोई जानकारी नहीं थी। पूछने पर पता चला कि ठोडा खेल स्थगित कर दिया गया है। यह खेल आज सुबह ग्यारह बजे होगी। कमेटी के पदाधिकारी और जिला खेल अधिकारी ने समापन पर ठोडा खेल होने की जानकारी दी है।
बजट आने पर होगी प्रतियोगिता शुरू : भागचंटा
इस बारे में जिला खेल अधिकारी पृथ्वी राज भागचंटा के अनुसार बजट न होने के कारण मेले में वालीबाल प्रतियोगिता नहीं हुई। यदि बजट आएगा तो आगामी वर्षों में वालीबाल प्रतियोगिता दोबारा से आरंभ कर दी जाएगी।
